कारागंडा के स्टारेट्स सेवास्तियान

यह पुस्तक कारागंडा के आदरणीय विश्वास-साक्षी सेवास्तियान (1884–1966) के जीवन और आध्यात्मिक तपस्या की कथा कहती है। वे ऑप्टिना के स्टारेट्स परंपरा के अंतिम उत्तराधिकारियों में से एक थे और ऑप्टिना के आदरणीय योसिफ़ तथा नेक्तारी के शिष्य थे। ऑर्थोडॉक्स चर्च पर क्रूर अत्याचारों, गिरफ़्तारियों, कारागंडा के सुधार-श्रम शिविर में कारावास और वर्षों की वंचनाओं से गुज़रते हुए भी स्टारेट्स ने अटल विश्वास, विनम्रता और पड़ोसियों के प्रति प्रेम को बनाए रखा। मुक्ति के बाद उन्होंने कारागंडा में अपनी पादरी सेवा जारी रखी और असंख्य विश्वासियों के आध्यात्मिक मार्गदर्शक तथा सांत्वना-दाता बने। पुस्तक के पृष्ठों में कज़ाख़स्तान में ऑर्थोडॉक्स जीवन का इतिहास, सोवियत दमन के वर्षों में विश्वास के साक्षियों की नियति, उनके आध्यात्मिक संतानों के संस्मरण और स्टारेट्स की प्रार्थनाओं से मिली अनुग्रहपूर्ण सहायता के उदाहरण उजागर होते हैं। आदरणीय सेवास्तियान की जीवन-कथा इस बात की गवाही देती है कि सबसे कठिन परीक्षाओं में भी ईसाई प्रेम, धैर्य और मसीह के प्रति निष्ठा की शक्ति अटूट रहती है।

उपलब्ध प्रारूप