फिलोकालिया (दोब्रोतोल्यूबिये)
«फिलोकालिया» (दोब्रोतोल्यूबिये) पवित्र पितृगण की रचनाओं के सबसे महत्वपूर्ण संकलनों में से एक है, जो मसीही के आध्यात्मिक और तपस्वी जीवन को समर्पित है। इसमें प्राचीन और बीज़ान्टाइन तपस्वियों के उपदेश संकलित हैं — वासनाओं से संघर्ष, मन की रखवाली, प्रार्थना, पश्चाताप और सद्गुणों की प्राप्ति के विषय में। पुस्तक में विशेष स्थान सजग प्रार्थना और आंतरिक साधना की उस शिक्षा का है, जो मनुष्य को हृदय की शुद्धि और परमेश्वर के साथ सहभागिता की ओर ले जाती है। पवित्र पितृगण की रचनाएँ ऑर्थोडॉक्स तपस्या के सदियों पुराने अनुभव को प्रकट करती हैं और आध्यात्मिक विकास का व्यावहारिक मार्ग दिखाती हैं। «फिलोकालिया» मुख्यतः गंभीर और मननशील पाठ के लिए है और ऑर्थोडॉक्स कलीसिया की आध्यात्मिक परंपरा में इसका विशेष स्थान है।